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मुझे पत्नी नही दहेज चाहिए !!

Real story in hindi - Bride bride Marriage

मुझे पत्नी नही दहेज चाहिए - Real story in hindi



जिदंगी भरके आंसू !! 

अनीता के परिवार मे उसके माता पिता और एक भाई थे। जो सब एक साथ रहते थे। अनीता बहुत ही शांत और अच्छे विचारों वाली लड़की थी। उसके पड़ोस में एक लड़का रहता था दीपक। दीपक भी बहुत ही अच्छा लड़का था, दीपक के माता पिता किराये के घर में रहते थे। अनीता को दीपक पसंद था और मन ही मन प्यार भी करती थी। अनीता के माता पिता से भी उसके रिश्ते अच्छे थे और दोनो परिवारों में आना जाना लगा रहता था। दीपक के माता पिता भी अनीता को पसंद करते थे। 


एक दिन अनीता के पिता को पता चला की दोनो एक दूसरे से प्यार करते हैं, तो उन्होंने सबकी सहमति से शादी पक्की कर दी। मन ही मन अनीता बहुत खुश थी। उसे उसका प्यार जो मिल रहा था।


अनीता की खुशी खुशी शादी हो गयी। अनीता और दीपक बहुत खुश थे। दोनो ने अपनी नई जिंदगी की शुरुआत  बहुत अच्छे से किया। फिर दीपक को दूसरे शहर में नौकरी हो गयी और सारे परिवार के साथ दीपक दिल्ली रहने चला गया 


सबकुछ ठीक चल रहा था। ये क्या अनीता जिस दीपक से प्यार करती थी अब वो दीपक एक दम बदल चुका था। एक दिन दीपक अनीता के घर जाता है और अनीता को वहाँ छोड़ कर चला जाता है। कुछ दिन बीत जाते हैं लेकिन दीपक अनीता को लेने नहीं जाता है। 



दीपक ने अनीता के माँ बाप से कुछ रुपयो की मांग की। अनीता के पिता को लगा की शायद उसके दमाद को पैसों की जरूरत होगी। इसलिए उसके पिता ने जैसे तैसे बड़ी मुश्किल से 3 लाख रुपए का इंतेजाम किया। फिर दीपक अनीता को साथ ले गया। 


लेकिन धीरे धीरे हालात बिगड़ने लगा। कुछ दिन बाद फिर से दीपक ने अनीता को उसके मायके छोड़ दिया, और फिर कुछ रुपयों का मांग किया। 


अब अनीता के पिता को लगा की अनीता की जिंदगी का सवाल है। तो उन्होंने फिर से कर्ज लेकर कही से पैसे इकठ्ठे किये और दीपक को दे दिये। 



अनीता पूरी तरह से टूट चुकी थी। वो कितना प्यार करती थी दीपक से, पर अब दीपक का असली चेहरा उसके सामने था। दीपक के घर वाले भी पैसे के लिए अनीता पे बहुत अत्याचार करते थे, मार पिट करते थे। 

एक बार अनीता ने अपने माता पिता से पैसे मांगने से मना किया तो उसके पति ने उस घर से निकाल दिया। 

अनीता अपने माता पिता के घर चली गयी। और दीपक पे मुकदमा दर्ज कराया। लेकिन दीपक अनीता को लेने नहीं आया। 

अनीता अपने माता पिता पे बोझ बनना नहीं चाहती थी। उसके एक स्कूल में पढ़ना शुरू किया। अब वो अपनी जिंदगी जी रही थी। लेकिन हर लड़की चाहती है की वो अपने पति के साथ खुशी खुशी रहे। अनीता हर बार दीपक को फोन करती और गिड़गिडाती। उसने दीपक को माफ भी करने का फैसला ले लिया था। लेकिन दीपक नहीं मानता था। अनीता दीपक से अब भी प्यार करती थी। 


एक दिन अनीता शाम को घर आ रही थी। तभी उसके दीपक को फोन किया और बोली मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ मुझे अपने साथ ले चलो हम अपनी जिंदगी का नये तरीके से शुरआत करेगें। लेकिन दीपक नहीं माना और बुरा भला बोलने लगा। उस दिन अनीता को बहुत ठेस लगा उसने कहा मैं मर जाउंगी। लेकिन फिर भी दीपक नहीं माना। 


और अनीता अंदर से इतनी टूट गयी थी की अब उसके पास हिम्मत नहीं बची थी वो जीना नहीं चहती थी। उसे लगा वो अपने माता पिता पे बोझ बन कर नही जियेगी, इस जिंदगी से तो मर जाना बेहतर है। और अनीता ने खुद खुशी कर ली। इसमें अनीता की क्या गलती थी। और उसके माँ बाप जो की अपने बचे के आने का राह देख रहे थे । लेकिन अब अनीता लौट कर नहीं आने वाली थी। 



हमें कभी भी अपने जीवन से हारना नहीं चाहिए। हमें जिंदगी से लड़ना चाहिए। कहते हैं न जिंदगी तो लड़ कर ही जी जाती हैं जो हार गया वो मर गया। अगर दीपक उस दिन मान जाता तो अनीता आज बच जाती। 


और हमारे देश में आज दहेज के लिए पता नहीं कितनी ऐसी अनीता मर रही है। हमें ऐसा नही करना चाहिए। आज आप किसी के साथ ऐसा करेगे तो कल आपके साथ भी ऐसा होगा। हमें दहेज का विरोध करना चाहिए। न जाने दुनिया में कितनी लड़कियाँ दहेज का शिकार हो जाती है। इसमे उस मसुम लड़की की क्या गलती थी। बस इतनी की वो एक लड़की है। हमें अपने समाज में ऐसी धनाओ का विरोध करना चाहिए। 



लेखन और संपादन: कहानी रिश्ते की : टीम 

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