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जिंदगी के घाव - Very Sad Story in Hindi

Sad story in hindi - Sad Life Story in Hindi | Very Sad Story in Hindi


जिंदगी के घाव- Sad Story in Hindi For Life 


Sad Story in Hindi. नमस्ते दोस्तों आज हम एक बार फिर आपके बीच लेकर आये है, जिंदगी के घाव Sad Story in Hindi, मासूमियत की कहानी, जिनको पढ़कर आप भी सोच में पड जाएँगे की एक लड़की की मासूमियत का लोग इतने सारे फायदे उठाते है और इतने सारे घाव । अगर स्टोरी आपको अच्छी लगे तो नीचे कमेंट करके जरूर बताए.. तो चलिए शुरू करते है आज की कहानी


मेरी मासूमियत की कहानी...


मेरा नाम संध्या है, दोस्तो मेरी जिंदगी की दर्द नाक कहानी पढ़कर आप भी दुख से भर जाओगे मेरी इन आंखो ने कई सारे दुख झेले है। और आज मैं 50 वर्ष की हो चुकी हूं।


क्या आप बता सकते है कि एक 8 साल की लड़की कितने दुख झेल सकती है। पर फिर भी मैंने झेले है। और आज मासूमियत नामक जैसे शब्द मेरी ज़िंदगी से गायब हो चुके है। मैं भुल चुकी हुं कि मैं कभी मासूम थी परंतु जब मैं सचमुच मासूमियत उम्र में थी तब बहुत से पुरुषों ने बल पूर्वक मेरा शारीरिक शोषण किया और मेरी जिंदगी बर्बाद की


जब मैं 8 साल की थी तब मेरे पड़ोस में रहने वाली ज्योति नाम की सहेली के 16 साल के 3 भाइयो ने मेरी मासूमियत का फायदा उठाया। और न जाने मेरे साथ तीनो ने मिलकर क्या-क्या किया ।

Sad Story in Hindi 

जब मैं 13 साल की आयु में थी तो मुझे घर पर अकेली पाकर मेरे सगे ताऊजी के 31 वर्ष के बेटे ने मेरा फायदा उठाया और मुझे अपनी हवस का शिकार बनाया छोटी आयु में ही मुझे लगभग बर्बाद ही कर दिया था। आपको पता है स्कूल से घर वापस आते समय मेरे सीने और नितम्बो पर हाथ मारने वाले लड़के भी मैंने आंखों में आंसू भर कर झेले हैं। 


मुझे आदमी के नाम से ही नफरत हो गई थी। उसके बाद मैंने ज़िन्दगी भर शादी न करने की कसम खा ली थी। मगर कुदरत कुछ और ही मंजूर था । 90 के दशक में लड़कियों से पूछा ही कब जाता था कि तुम विवाह करोगी या नही,नतीजतन मेरी शादी हो गई। मुझे एक ही डर था कि क्या मेरे पति अविनाश जी मुझे खुश रख पाएंगे या मैं उन्हे खुश रख पाउंगी । पर मैं गलत थी कुदरत ने मेरी जिंदगी में एक एसे इंसान को जोड़ दिया जो कभी किसीको नही मिला होगा उन्होंने मुझे जाना पहचाना और समझा।


शादी के बाद जैसे मैने सारे पुरुषों की ज़्यादतियों का बदला पति से लेने की ठान ली थी। मगर पति ऐसे मिले जैसा पहले कभी इस दुनिया का कोई आदमी नही मिला था।उन्होंने मेरे गुस्से को जाना, समझा और मुझे इतना सम्मान और प्यार दिया कि अब मैंने पिछले सभी कुकर्मियों को भुला देने पर मजबूर होना पड़ा और मैं सब कुछ भूल गई 


जिंदगी के घाव- Very Sad Story in Hindi 


आपको पता है अभी कुछ दिन पहले ही हमने शादी की 28वी वर्षगांठ मनाई है। इस वर्षगांठ में मेरे पति अविनाश जी ने मुझे बहुत कुछ दे दिया, मैंने उनसे पूछा क्या आपको इन सालों में कभी मुझसे विवाह करने का अफसोस हुआ कि मुझे ऐसी स्त्री के साथ शादी नही करनी चाहिए थी? और अविनाश का जवाब मेरे माथे पर एक प्यारे से चुम्बन के साथ आया और कहा, नही मुझे कोई अफसोस नही है। और अफसोस किस बात का, मैं तो हमेंशा चाहता हु कि मुझे अगले जन्म में भी तुम ही मिलो । मैं बहुत खुश थी कि अविनाश जी मुझे इतना प्यार करते है ।


दुसरी एक बात हमारी एक बेटी भी है । मुझे अपनी बेटी की बहुत चिंता है । इसलिए  अपनी भोली उम्र में हुई इन हरकतों के कारण मैं अपनी बेटी का एक्स्ट्रा खयाल रखती हूँ। मैंने उन्हे कभी भी किसी रिश्तेदार पर भरोसा कर के अकेले नही छोड़ा उसको। जो मेरे साथ हुआ वो अपनी बेटी के साथ नही होने देना चाहती।


कुछ दिन पहले मैं अपने मायके गई थी। मैंने अपनी माँ और भाई को इन सब बातों के बारे में बताया तो उनका जवाब सुन कर हैरानी हुई ।भाई का कहना था ये कहानी लगभग हर तीसरी लड़की के साथ होती है। यह लड़की की ज़िम्मेदारी है कि वो खुद को संभाल के रखे और अपनी मर्यादाओ को भी समझे । एक बार अपनी बेटी से पूछ के देखो उसके साथ भी ऐसी कोई घटना ज़रूर हुई होगी।


मेरी मासूमियत की कहानी- Sad Story in Hindi 


फिर सबके सामने मेरी बेटी ने बड़े गर्व से बताया कि आप गलत सोच रहे है मेरे साथ ऐसा कभी कुछ नही हुआ। मेरी बेटी के मुह से यह सुनकर मुझे बहुत खुशी हुई कि वह सलामत है और इसका श्रेय उसकी माँ यांनी मुझे जाता है कि मैंने उसे इतना संभालकर रखा


अक्सर हमारी जिंदगी चलती रहती है। बस कुछ घटनाये कभी भूली नही जाती। क्या यही हमारी जिंदगी है....


बस यही थी मेरी दर्दनाक दुख भरी कहानी। अगर आपको मेरी जिंदगी के बारे में कुछ कहना है तो नीचे कमेंट करके जरूर बताए 


अगर आपको हमारे द्वारा लिखी हुई दर्दनाक सच्ची  कहानी Sad story in hindi अच्छी लगी हो तो इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा लोगो को शेयर करें। धन्यवाद......

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