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लक्ष्य की प्राप्ति | Buddha Story in Hindi

Buddha story in hindi


लक्ष्य की प्राप्ति- Mahatma Buddha Story


नमस्ते दोस्तो आज हम एक बार फिर आपके बीच लेकर आये है, गौतम बुद्ध और गिलहरी की कहानी, लक्ष्य की प्राप्ति- Buddha Story in Hindi, और गौतम बुद्ध के जिवन की एक सच्ची घटना जिसके कारण बुद्ध से भगवान बुद्ध बन गए । तो चलिए शुरु करते है आज की कहानी Buddha Story 


महात्मा बुद्ध के जिवन की एक सच्ची घटना जिसने बुद्ध को भगवान बुद्ध बना दिया। गौतम बुद्ध के जिवन में एक ऐसा समय आया था जब उन्हे जंगल में तपस्या करते करते कई साल बित गये थे । लेकिन उन्हे नाही कोई ज्ञान प्राप्त हुआ और नाही कोई सिद्धी प्राप्त हुई इसीलिए अपने आपसे निराश होकर अपना सबकुछ छोड़कर एक नदी के किनारे पर बैठे थे 

लक्ष्य की प्राप्ति- Buddha Story in Hindi 

उस नदी में एक गिलहरी के बच्चे गिर गए थे इसीलिए गिलहरी उस नदी में जाकर अपना शरीर गिला करती और बाहर आकर उस पानी को झाड देती ताकि नदी खाली करके अपने बच्चे को बचा सकें । गौतम बुद्ध यह सब देख रहे थे फिर उन्होंने सोचा कि ये गिलहरी कितनी मुर्ख है 


ऐसा करने से कौनसा ये नदी खाली कर देगी, वो गिलहरी ऐसा तीन दिन तक करती रही और आखरी में वो भी नदी में डूब गई । लेकिन उसने जीते-जी हार नही मानी, गौतम बुद्ध को उस गिलहरी के हौसले को देखकर आश्चर्य हुआ और सोचने लगे कि जब मुझसे इतने कमजोर जानवर ने हार नही मानी, फिर मैं तो मानव हु मैं कैसे हार मान सकता हु।

Buddha Story in Hindi 

फिर गौतम बुद्ध दोबारा तपस्या करने लगे उन्होंने कई सालो तक तपस्या की लेकिन हार नही मानी आखिर कार उन्हे ज्ञान भी प्राप्त हुआ और सिद्धी भी। और वह बुद्ध से भगवान बुद्ध बन गए ।


Moral: मित्रो अगर हमें किसी में भी सफलता चाहिए तो हमे कभी भी हार नही माननी चाहिए । जब तक हम हार की उम्मीद रखेंगे तब तक हमारी जीत असंभव है इसीलिए अगर हमें जितना है तो बार बार प्यास करते रहना चाहिए। धन्यवाद
 

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