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समीर और सपना के Pyar Ki Ek Kahani Love Story in Hindi

Pyar Ki Ek Kahani

Pyar Ki Ek Kahani 

 
नमस्ते दोस्तो: आज हम एक बार फिर आपके बीच लेकर आये है (समीर और सपना के Pyar Ki Ek Kahani Hindi Me) कैसे दोनो अलग होकर भी फिर से मिल गये । हम उम्मीद करते है की आपको यह कहानी बेहद पसंद आएगी । तो फिर चलिए शुरु करते है आज की कहानी... 



दिवाली से पहले चाहे जितना मन लगाकर काम कर लो मगर घर जाकर दिवाली मनाने का जो मजा है वो और कही नहीं है। मैं हर साल दिवाली पे घर जाया करता हु और आज भी मैं घर जाने के लिए तैयार था। कंधे पे एक बैग और एक बड़ा सूटकेस जिसमें सबके लिए तोहफे लेकर बस स्टैंड के लिए जा रहा था। बस को छुटने में अब भी 10 मिनट बाकी था। तो मैं एक चाय की ठपरी पे चाय के साथ साथ सिगरेट भी पी रहा था।


अचानक ना जाने मुझे सिगरेट पीते हुए मेरी पड़ोस की एक दोस्त जिससे मैं कभी प्यार किया करता था उसने मुझे सिगरेट पीते हुए मुझे देख लिया, उसका नाम सपना था और मैं अपने इस हकीकत से वाकिफ।

Pyar Ki Ek Kahani Love Story in Hindi 



सपना मेरे पास आई और बोली" तुमने अब भी स्मोक नही छोड़ा" छोड़ देता तो क्या तुम मुझसे अब भी प्यार करती" मैने गुस्से से सिगरेट को फेंका और सिगरेट को अपने पैर से मसल कर बोला।


सपना वही खड़ी मुझसे नजरे चुरा रही थी और मैं उसके तरफ गुस्से से उसकी बेवफाई का सच जानने की कोशिश कर रहा था। तभी बस ड्राइवर ने गाड़ी स्टार्ट की और कंडक्टर ने सारे यात्री को जल्द से जल्द बस में आने का आह्वान किया। सारे लोग बस में आ गए थे। बस चल पड़ी वैसे सपना मुझसे दो सीट आगे मेरे राइट साइड में और मैं लेफ्ट साइड में बैठा था। जब भी एक दर्द को भूलने की कोशिश करता हु तो दूसरा दर्द दिल पे दस्तक दे ही देता है, खैर छोड़ो यह सब।

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वैसे आपको बता दे कि समीर की शादी सपना से तय हुई थी वे दोनो बचपन के दोस्त और एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। अचानक सगाई के अगले दिन सपना ने दोनो परिवार के सामने समीर से रिश्ता तोड़ दिया और वजह बस एक ही की समीर नशा छोड़ दे। दोनो परिवारों ने समीर को ही गलत ठहराया। उस दिन से लेकर आज के दिन उसने शराब को तो छोड़ दिया मगर सिग्रेट ना छोड़ पाया, शायद इसका सबसे बड़ा कारण सपना ही हो।


कुछ घंटों बाद बस एक ढाबे पे रुकी बस कंडक्टर ने सारे यात्री को फिर आह्वान दिया " जिस जिस को खाना खाना, चाय पीना और वाशरूम जाना हो,वे आधे घंटे में होकर आ जाए "।

Anokhe Pyar Ki Ek Kahani 

समीर फिर से अपने दर्द को थोड़ा कम करने वह साइड पर जा सिगरेट जलाया। समीर ने अपने सामने खड़ी सपना को उसकी तरफ यू मायूस सा देख पता नही क्यों समीर ने सिगरेट को फेंक दिया शायद यह स्मोक करना ही उसकी सबसे बड़ी भूल थी। फिर हम एक टेबल पर बैठे एक दूसरे को यू ही बिना आंखों में देख बाते कर रहे थे। तभी वेटर हमारे लिए कुल्हड़ वाली चाय ले आया चाय की चुस्की लेते हुए धीरे धीरे हमारी नजरे मिलने लगी थी। इस बार हम दोनो एक दूसरे की आंखों में देख बाते करने लगे।


" मैं अपनी गलती मानता हु कि सगाई वाली रात तुम्हारे मना करने के बाद भी मैंने थोड़ी शराब पी ली थी " समीर प्यार से बोला।

" थोड़ी शराब…. तुमने काफी ज्यादा पी रखी थी तुमने उस रात क्या क्या किया पता भी है " सपना ने कहा।

" क्या किया था मैंने आई मीन क्या हुआ था "

" तुमको मैंने तुम्हारे दोस्तो के सामने कुछ बोल क्या दिया तुमने सारे लोगो के सामने… खैर छोड़ो "

" बात पूरा करो..आधे में मत छोड़ो। मैने क्या गलत किया तुम्हारे साथ " थोड़ा गुस्से में समीर बोला।

" सुन पाओगे सच… हिम्मत है तुममें। पीते क्यों हो की याद ही नहीं रहता। " सपना भी गुस्से से बोली।

" तुम्हारे वजह से शादी टूटी और बेइज्जत मुझे होना पड़ा " थोड़े गुस्से से समीर चाय की चुस्की लेते हुए बोला।

सपना इतने गुस्से में थी की अब तो वह समीर के पोल खोलने में तुली थी जो खुद समीर को ही नही पता था। जैसे ही सपना उस रात की सच्चाई बोलने ही वाली थी की

उससे पहले कंडक्टर बोल पड़ा " अरे मैडम जो बोलना है घर पर जाकर बोलिएगा.. वैसे भी बस 15 मिनट लेट हो चुका है।

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फिर वे दोनो अपने अपने सवाल जवाब की पोठली बांध चुपचाप सफर करने लगे। कुछ देर बाद वे दोनो अपने अपने सीट पर सो गए। कुछ घंटे गुजरते गए और वे दोनो अगली सुबह अपने गांव पहुंच गए। बस ने उन्हें एक चौराहे पर छोड़ा उस चौराहे से उन दोनो का घर कुछ ही दूर था। सुबह के 4 बजे थे अक्सर गांव में दिवाली के वक्त ठंड बड़ जाती और साथ ठंडी हवाएं भी चलने लगती है। वे दोनो साथ साथ अपने घर की ओर चलने लगे थे। दोनो एक दूसरे की तरफ देख अपने गुस्से को पहले शांत किए। 


वैसे समीर ने सोचा की पुरानी बाते याद कर अब कोई फायदा नही। तो उसने सपना से माफी मांगा और समीर अपनी शादी के बारे में बोला की उसकी शादी तय हो गई है मगर अब तक समीर ने लड़की को देखा नही था उसके पापा ने तय किया था। सपना मंदमुंद मुस्कान लिए उसे बधाई दी। फिर भी दोनों अपने अपने घर को चले गए। समीर को सपना को ऐसा कहकर बिल्कुल अच्छा नहीं लगा क्योंकि समीर तो अब भी सपना को ही चाहता था खैर जो उसकी मर्जी होती है असल में वही होता है।


दिवाली वाले दिन समीर के घर शाम को लक्ष्मी क्लजी की पूजा रखी थी उसके घर वालों ने तो आसपास के करीबी लोगों को भी बुलाया। पूजा की सारी तैयारी हो चुकी थी।


अपनी पड़ोसी सपना और सपना के घर वाले भी आए हुए थे। हमने साथ मिलकर पूजा पूर्ण किया और फिर सभी को प्रसाद दिए गए, इधर आसपास के लोग अपने अपने घरों में पटाखे फोड़ने भी लग गए। जैसे जैसे समीर के सारे घर वाले और सपना के घर वाले इक्कठे हुए तो समीर को ऐसा महसूस हो रहा था कि अब उसके घर पर भी धमाका होने वाला है। तो उसके पापा ने सबसे पहले कहा " तुम्हें याद है सगाई वाली रात शराब के नशे में तुमने अपने दोस्तों के सामने सपना से बुरा बर्ताव किया था "

Pyar Ki Ek Kahani 

तभी सपना समीर के पापा की बात काटकर बोली " अरे आज दिवाली है यह सब बातें छोड़ो चलो पटाखे फोड़ते हैं"


नहीं आज समीर को यह बात सुननी ही पड़ेगी कि उसने अपने सारे दोस्तों के सामने नशे में धुत अपने होने वाली पत्नी को सरेआम थप्पड़ मारा और उसे कुछ याद नहीं " समीर के पापा ने गुस्से में बोले।


समीर के पापा की थोड़ी चुप्पी के बाद बोल पड़े खैर जो हुआ सो हुआ अब समीर की शादी की बात करते हैं आखिर शादी तो करवानी है।


यह सुनकर मुझको सच में बहुत बुरा लग रहा था इसलिए नहीं की पापा ने मुझे डांटा इसलिए भी नहीं कि उन्होंने सरेआम सबके सामने मुझे डाटा, वैसे डांट का हकदार तो था ही, लेकिन उन्होंने यहां बात आज ही मुझसे क्यों कहा यह बात उस दिन भी तो हो सकती थी तो शायद मैं जिससे प्यार करता था उसी से शादी होती।


लेकिन हिम्मत कर मैंने अपने पापा को सपना के बारे में बताना चाहा की मैं अब भी सपना से बहुत प्यार करता हूं मैं किसी और से शादी नहीं कर सकता, मुझसे जो भी गलती हुई है मैं उसे मानता हूं और दोबारा ऐसी गलती कभी नहीं करूंगा मैंने शराब भी छोड़ दिया है सपना के तरफ देख मैंने कसम खाया की मैं उसे बहुत खुश रखूंगा मैं बदल चुका हूं, मैं जैसा था मैं वैसा अब नहीं रहा, मेरा यकीन मानो प्लीज। ऐसा कहा ही था कि सारे लोग थोड़े सन से हो गये।

Sache Pyar Ki Ek Kahani Hindi Me 

लेकिन फिर अचानक समीर की बहन जो जोर से हंसने लगी उसे देख धीरे-धीरे सारे हंसने लगे पर फिर समीर के पापा समीर को गले लगाया वह भी हंसने लगे। मगर समीर को यह मामला कुछ जमा नहीं उसने तो समझा वे लोग सब पगला गए थे या समीर ही होश में था ही नहीं।


समीर यह जानना चाहता था कि वे लोग ऐसा क्यों कर रहे है फिर मम्मी ने सारी बाते बताई की, समीर के साथ वे लोग प्रैंक प्रैंक खेल रहे थे, और उसके भोलेपन का मजाक उड़ा रहे थे "वैसे मैं भोला था नहीं लेकिन अब उनकी नजरों में मैं बोला ही था" समीर मन ही मन बोला।


पापा ने फिर समीर और सपना को पास बुलाया और उन दोनो के हाथ एक दूसरे के हाथ में देकर बोले। आज से 15 दिन के बाद इन दोनों की शादी बड़े ही धूमधाम से की जाएगी, यह सुनकर सुनकर सारे लोग बेहद खुश थे। समीर और सपना अब एक दूसरे की आंखों में देख प्यार से मुस्कराए और सात जन्मों तक एक साथ जीवन बिताने की कसमें खाई। बस इतनी सी थी इनकी Pyar Ki Ek Kahani कहानी हम उम्मीद करते है की आपको यह कहानी बेहद पसंद आई होगी । धन्यवाद 


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